देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को Agneepath Scheme की घोषणा की थी।  इस साल करीब 46000 युवाओं की भर्ती होनी है। 

इस Agneepath Scheme के तहत इंडियन आर्मी आर्मी केवल 4 वर्ष का कार्यकाल रहेगा और उसके बाद कोई पेंशन योजना भी नहीं है। 

जैसे ही केंद्र सरकार ने इस योजना की घोषणा की तो देश के कई राज्यों में इसका जबरदस्त विरोध  शुरू हो गया। है 

सबसे ज्यादा विरोध बिहार में देखने को मिला , युवाओं का कहना की वो सालो से सेना में भर्ती होने की लिए मेहनत करते है और केवल 4 वर्ष के लिए उन्हें नौकरी मिलेगी। 

योजना के तहत सेना में 4 वर्ष के लिए भर्ती होगी, ए होगी और उन्हें 'अग्निवीर' कहा जाएगा। 30 से 40 हजार महीना वेतन मिलेगा। 

अग्निवीरों की उम्र 17 से 21 वर्ष के बीच होगी. योजना के मुताबिक भर्ती हुए 25 फीसदी युवाओं को सेना में आगे मौका मिलेगा और बाकी 75 फीसदी को नौकरी छोड़नी पड़ेगी।

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसको सकारात्मक बताया है उन्होंने कहा इससे देश के अधिक युवाओं को सेना में भर्ती होने का मौका मिलेगा और इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी। 

सेना के एक्सपर्ट्स ने इसके लिए मिली जुली राय दी है किसी ने कहा की सेना में रहने के लिए ये समय पर्याप्त नहीं है 6 महीने तो Training में निकल जाते है और भी इन्फैंट्री ट्रैंनिंग के लिए भी समय चाहिए होगा।

हालाँकि सरकार ने उम्र की सिमा बढ़ा दी है अब 21 के बजाय 23 वर्ष तक के युवा सेना में भर्ती हो सकते है।